खुशदीप सहगल
बंदा 1994 से पेन-कम्प्यूटर तोड़ रहा है

बॉस की फांस...खुशदीप

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  • Khushdeep Sehgal
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  • मक्खन ऑफिस में था...मक्खन ने देखा कि बॉस ऑफिस में नहीं है...मक्खन ने मौका ताड़ा और बंक मार कर घर पहुंच गया...लेकिन ये क्या...घर के बाहर ही बॉस की गाड़ी खड़ी थी...मक्खन ने दरवाजे से कान लगाकर सुना...अंदर से पत्नी मक्खनी और बॉस के खिलखिला कर हंसने की आवाज़ आ रही थी...मक्खन फौरन ऑफिस के लिए वापस भागा...ऑफिस पहुंच कर मक्खन ने ठंडी सांस ली और बोला...शुक्र है कि आज...
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    बॉस ने ऑफिस टाइम में मुझे घर नहीं देख लिया...नहीं तो नौकरी से हाथ धोना पड़ता...

    6 टिप्पणियाँ:

    ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

    बहुत बढिया।

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    पुत्र प्राप्ति के उपय।
    क्‍या आप मॉं बनने वाली हैं ?

    वन्दना ने कहा…

    जय हो मक्खन की।

    दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

    मक्खन कुछ ज्यादा सीधा है। इस की शादी कैसे हुई? उस का किस्सा बताओ ना।

    Udan Tashtari ने कहा…

    बेचारा मख्खन...बाल बाल बचा. :)

    Shah Nawaz ने कहा…

    सही में बच गया.... :-) :-) :-)

    अरूण साथी ने कहा…

    करारा है जी.

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