खुशदीप सहगल
बंदा 1994 से पेन-कम्प्यूटर तोड़ रहा है

एडमिशन की रेस...खुशदीप

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  • Khushdeep Sehgal
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  • खरगोश के बारहवीं में 85 % और कछुए के 70 % नंबर आए. लेकिन दिल्ली यूनिवर्सिटी में कॉलेज में खरगोश को नहीं कछुए को एडमिशन मिला...
    पूछो क्यों...
    अरे भई स्पोटर्स कोटा भी कोई चीज होती है न... भूल गए बचपन मे कछुए ने खरगोश से रेस जीती थी...

    5 टिप्पणियाँ:

    अमिताभ मीत ने कहा…

    याद दिलवाने का शुक्रिया.

    अजय कुमार झा ने कहा…

    अरे क्लीयर करिए महाराज कि बात हमारे बचपन की है कि कछुए के बचपन की ...और जरूरत पडे तो खरगोश का प्रोफ़ाईल से क्लू मिल सकता है ....पता करिए हम आते हैं अभी

    कुमार राधारमण ने कहा…

    कुछ अन्य कोटों से यह कोटा अच्छा है!

    Udan Tashtari ने कहा…

    कोटे का फायदा तो मिला...

    Shah Nawaz ने कहा…

    yeh bhi sahi hai.... :-)

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