खुशदीप सहगल
बंदा 1994 से पेन-कम्प्यूटर तोड़ रहा है

मक्खन का बदला...Khushdeep

Posted on
  • by
  • Khushdeep Sehgal
  • in
  • लेबल: , ,
  • मक्खन गली के नुक्कड़ पर बैठा दो घंटे से मक्खियां मार रहा था..तभी ढक्कन आ गया...

    ढक्कन ने नसीहत के अंदाज़ में कहा कि क्यों टाइम बर्बाद कर रहा है...

    मक्खन ने तपाक से जवाब दिया..ओए, मुझे ऐसा-वैसा न समझ...मैं बदला ले रहा हूं बदला...

    ढक्कन ने पूछा...भई वो कैसे...

    मक्खन बोला...मुझे पहले वक्त ने बर्बाद किया, अब मैं वक्त को बर्बाद कर रहा हूं...

    6 टिप्पणियाँ:

    निर्मला कपिला ने कहा…

    सही बदला ले रहा है। धन्य हो मखन जी। शुभकामनायें।

    अमिताभ मीत ने कहा…

    Jiyo Makhkhan Guru !

    वन्दना ने कहा…

    वाह मक्खन को बदला लेना आ ही गया आखिर्।

    Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

    dhanya ho gaya makkhan:P

    Patali-The-Village ने कहा…

    आखिर मक्खन को बदला लेना आ ही गया|धन्यवाद|

    गुड्डोदादी ने कहा…

    बदले की आग बूझाईये
    मन शांत होगा

    एक टिप्पणी भेजें

     
    Copyright © 2009. स्लॉग ओवर All Rights Reserved. | Post RSS | Comments RSS | Design maintain by: Humour Shoppe