खुशदीप सहगल
बंदा 1994 से पेन-कम्प्यूटर तोड़ रहा है

1000 डालर का किस...Khushdeep

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  • Khushdeep Sehgal
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  • अब तो लिव इन रिलेशनशिप (रोमांटिक दोस्ती से थोड़ा ज्यादा और शादी से थोड़ा कम वाला रिश्ता) का रिवाज भारत के महानगरों में भी देखा जाने लगा है...लेकिन पश्चिम के देशों में बरसों से ये प्रचलन में है...ऐसे ही विदेश में एक जोड़ा बिना शादी किए ही साथ-साथ रहता था...एक दिन पुरुष पार्टनर (अब पति तो कह नहीं सकता) बॉथरूम में नहा रहा था...महिला पार्टनर (ये भी पत्नी नहीं) किचन में नाश्ता तैयार कर रही थी कि घर की डोर-बेल बजी...

    महिला ने दरवाजा खोला...सामने एक टिपटॉप गबरू जवान खड़ा था...आते ही पूछा कि मिस्टर....कहां हैं...महिला ने जवाब दिया...बाथरूम में हैं, उन्हें थोड़ा टाइम लगेगा, आप काम बताइए...जवान बोला...कोई...कोई नहीं... दरअसल मुझे आपसे ही काम था...मैं एक मल्टीनेशन कंपनी में काम करता हूं...हमारी कंपनी ने एक लव प्रमोशन स्कीम चलाई हुई है...आप इसके तहत 1000 डॉलर कमा सकती हैं...

    महिला ने भी सोचा मंदी का ज़माना है...1000 डॉलर कमा लिए जाए तो क्या बुराई है...महिला ने पूछा...इसके लिए मुझे क्या करना होगा...जवान बोला...कुछ नहीं बस आपको मुझे दो मिनट का एक किस देना होगा...महिला अचकचाई लेकिन फिर 1000 डॉलर के लालच में शर्त मानने को तैयार हो गई...

    थोड़ी देर बाद पुरुष पार्टनर बाथरूम से बाहर निकला तो महिला बड़ी खुश दिखाई दी...पूछा... क्या बात है...महिला ने कहा...मैंने आज सुबह सुबह घर बैठे ही 1000 हज़ार डॉलर कमा लिए...ये सुनकर पुरुष पार्टनर बोला...आज तो वाकई बड़ा अच्छा दिन है...मेरे आफिस के एक साथी ने मुझसे दो महीने पहले 1000 डॉलर उधार लिए थे और उसने वादा कर रखा है कि आज सुबह ही वो घर पर आकर उधार चुका जाएगा...

    7 टिप्पणियाँ:

    Rakesh Kumar ने कहा…

    ये क्या हुआ खुशदीप भाई सुबह ही सुबह ? होली की हार्दिक शुभ कामनाएँ .

    Udan Tashtari ने कहा…

    धन्य भये....उधार चुक गई और....

    Shah Nawaz ने कहा…

    हा हा हा... गज़ब!!!!!

    सञ्जय झा ने कहा…

    chuk gai to agle ki taiyari karen......

    fagunaste.

    सुशील बाकलीवाल ने कहा…

    वाह... मियां की जूती मियां के सिर.

    कडवा सच जीवन का....

    रवीन्द्र प्रभात ने कहा…

    वाह...वाह...वाह....होली की हार्दिक शुभ कामनाएँ .

    शेखचिल्ली का बाप ने कहा…

    @ आप कितना अच्छा लिखते हैं ?
    मुबारक हो आपको रंग बिरंग की खुशियाँ .
    हा हा हा sss हा हा हा हा ssss
    खामोशी भी और तकल्लुम भी ,
    हर अदा एक क़यामत है जी
    http://shekhchillykabaap.blogspot.com/2011/03/blog-post.html

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