खुशदीप सहगल
बंदा 1994 से पेन-कम्प्यूटर तोड़ रहा है

मक्खन ने मक्खनी को फौरन बेड-रूम में बुलाया..Khushdeep

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  • Khushdeep Sehgal
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  • मक्खन दोपहर के 3 बजे बड़ी तेज़ी से घर आया...चेहरा खुशी से चमक रहा था...आते ही मक्खनी को आवाज दी...मक्खनी किचन में थी...मक्खन ने आदेशItalic दिया...सब काम छोड़कर बेडरूम में आए...मक्खनी बेचारी गैस वगैरहा बंद करके आई...तब तक मक्खन खिड़कियां वगैरहा सब बंद करके कमरे में अंधेरा कर चुका था...बेड पर लेटे मक्खन ने मक्खनी को भी बेड पर आने के लिए कहा...मक्खनी बेचारी ने वैसा ही किया...मक्खनी के आते ही मक्खन ने दोनों के ऊपर रज़ाई खींच ली...

    फिर मक्खनी से अपनी बांह दिखा कर बोला...देख..मेरी रेडियम की नई घड़ी...अंधेरे में कितना, चमकती है...

    7 टिप्पणियाँ:

    दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

    वाऊ! क्या अंदाज है?

    Shah Nawaz ने कहा…

    ha ha ha...

    किलर झपाटा ने कहा…

    ई...........श!!!!
    बहुत बेकार हो आप। हा हा।

    Rakesh Kumar ने कहा…

    सुबह सुबह कैसी बातें करते हो खुशदीप भाई ? आपकी शिकायत करनी पड़ेगी .

    Udan Tashtari ने कहा…

    हा हा!!

    सञ्जय झा ने कहा…

    he bhagvan......kahan se kahan......patakte ho....


    pranam.

    महफूज़ अली ने कहा…

    हा हा हा हा हा हा .......... मक्खन ने भी न मक्खनी की KCPD कर दी.....

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