खुशदीप सहगल
बंदा 1994 से पेन-कम्प्यूटर तोड़ रहा है

बस इतना सा ख्वाब है...Khushdeep

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  • Khushdeep Sehgal
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  • शहर के माचो लड़कों की क्या ख्वाहिश होती है...
    220 सीसी पल्सर
    या
    225 सीसी करिज्मा
    या
    350 सीसी रायल एनफील्ड्स
    या
    1300 सीसी हायाबूसा ब्रैंड की सुपरबाइक खरीदना...


    जानते हैं क्यों...
    ...

    ...

    ...

    ...


    सिर्फ एक 80 सीसी की स्कूटी का पीछा करने के लिए...

    9 टिप्पणियाँ:

    दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

    फिर भी पकड़ नहीं पाते। ये देखने में रहते हैं वह फर्राटे से निकल जाती है। ये देखते ही रह जाते हैं।

    Shah Nawaz ने कहा…

    :-)

    वाकई छोटा सा ख्वाब!

    सुशील बाकलीवाल ने कहा…

    बहुत खूब...

    किलर झपाटा ने कहा…

    आऊ, शट‍अप बहुत वो हैं आप। हाँ नहीं तो। एकदम से हँसवा देते हो और हमेशा मुझे ठस्का लग जाता है। ही ही।

    sm ने कहा…

    macho by body
    zero by thought

    अरूण साथी ने कहा…

    सत्य वचन पर आपने कैसे जाना.....

    कुमार राधारमण ने कहा…

    थ्री-इडियट्स देखने के बाद भी नहीं बदले इडियट्स!

    सारा सच ने कहा…

    nice कृपया comments देकर और follow करके सभी का होसला बदाए..

    यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

    जन्माष्टमी की शुभ कामनाएँ।

    कल 23/08/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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