खुशदीप सहगल
बंदा 1994 से पेन-कम्प्यूटर तोड़ रहा है

मक्खन का ओलम्पिक लव...Khushdeep

Posted on
  • by
  • Khushdeep Sehgal
  • in
  • लेबल: , ,
  • मक्खनी सहेली से...अपने पति मक्खन की क्या बताऊं, वो ओलम्पिक लव पर यकीन करते हैं...

    सहेली....तू तो बड़ी खुशकिस्मत है, तेरे पति तुझे ओलम्पिक जैसा विशाल प्यार करते हैं...
     

    मक्खनी....खाक किस्मत है...ये प्यार ओलम्पिक की तरह ही चार साल में एक बार आता है...और उसमें भी प्रदर्शन भारत की तरह ही रहता है...

    2 टिप्पणियाँ:

    दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

    बेचारी मक्खनी!

    Rakesh Kumar ने कहा…

    पहले मक्खन ,फिर ढक्कन ,अब मक्खनी तो ढक्कनी कब ? एक से एक बढ़कर.

    एक टिप्पणी भेजें

     
    Copyright © 2009. स्लॉग ओवर All Rights Reserved. | Post RSS | Comments RSS | Design maintain by: Humour Shoppe