खुशदीप सहगल
बंदा 1994 से पेन-कम्प्यूटर तोड़ रहा है

बॉस सताए तो ये प्रार्थना करो...खुशदीप

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  • Khushdeep Sehgal
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  • बॉस का सताया एक बंदा ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है...


    हे प्रभु,
    मुझे इतनी बुद्धि दो,
    मैं बॉस के दिमाग को पढ़ सकूं...

    मुझे इतना संयम दो,
    मैं बॉस के हुक्म झेल सकूं...


    पर प्रभु,
    मुझे ताकत कभी मत देना,
    वरना बॉस मारा जाएगा
    कत्ल मेरे सिर आएगा...

    9 टिप्पणियाँ:

    अरुण चन्द्र रॉय ने कहा…

    apni prarthana si lag rahi hai

    दिनेशराय द्विवेदी ने कहा…

    वफादार आदमी।

    G.N.SHAW ने कहा…

    very disciplined

    Rakesh Kumar ने कहा…

    वाह! खुशदीप भाई वाह! बुद्धि और संयम से ही बॉस का काम तमाम,तो फिर ताकत का क्या काम .यह पता ही नहीं चल पायेगा कभी कि क़त्ल कब हो गया और किसने किया.

    Er. सत्यम शिवम ने कहा…

    आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (21.05.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.blogspot.com/
    चर्चाकार:Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

    SANDEEP PANWAR ने कहा…

    मुझे तो, दोनों दे देना,

    मदन शर्मा ने कहा…

    जाट देवता से सहमत

    राजीव तनेजा ने कहा…

    “अंटल…अंटल…मैं पास हो गया…लीजिए…मिठाई लीजिए"…

    “अरे!…वाह…चुन्नू बेटे…बहुत बढ़िया"…

    “अंटल…अंटल…आपने प्रामिस किया था कि अगर मैं पास हो गया तो आप मुझे कंप्यूटर ले के देंगे"…

    “हाँ!…बेटा…किया तो था लेकिन…

    “कुछ लेकिन-वेकिन नहीं…आपने प्रामिस किया था अब उसे पूरा करो"..

    “ओ.के…ओ.के बेटा…बताओ कौन सा कंप्यूटर चाहिए तुम्हें …विन्डोज़ वाला या फिर उबंटू?”…

    “मुझे तो खुशदीप अंटल वाला चाहिए"…

    “खुशदीप अंकल वाला?”…

    “हाँ!…खुशदीप अंटल वाला"…

    “लेकिन क्यों?”..

    “उनका कंप्यूटर एकदम सोलिड है…इसलिए"…

    “वो कैसे?”…

    “वो पिछले सोलह साल से अपना कंप्यूटर तोड़ रहे हैं लेकिन वो इतना पक्का है कि टूटता ही नहीं"

    M VERMA ने कहा…

    मजेदार ..
    वफादार कर्मचारी

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