खुशदीप सहगल
बंदा 1994 से पेन-कम्प्यूटर तोड़ रहा है

आज जट दा मुजरा देखण दा मन है...Khushdeep

चूहा व्हिस्की के ड्रम में गिर गया...बाहर निकला तो बिल्ली को सोए देखा...चूहा फटाक से बिल्ली को लात मार कर बोला- उठ कंजरिए, आज जट दा मुजरा देखण दा मन है...


हमारी बात ही कुछ और है....
एक बार चूहों की सभा चल रही थी...चूहों का बॉस बीच में शानदार कुर्सी पर बैठा सिगरेट के कश लगाता हुआ धुएं के छल्ले उड़ा रहा था...आसपास चमचे चूहे घेरा लगाए हुए उसे बड़े गौर से सुन रहे थे...तभी वहां बिल्ली आ गई...सारे चमचे चूहे बिल्ली को देखते ही सिर पर पैर रखकर चंपत हो गए...लेकिन बॉस चूहा टस से मस भी नहीं हुआ...

बिल्ली को सामने देखकर चूहे ने भागने की जगह सिगरेट का बड़ा सा कश लेकर धुंआ बिल्ली के मुंह पर ही छोड़ दिया...बिल्ली चूहे की ये हरकत देखकर मुस्कुराई और बोली...क्यों तुझे अपनी मौत से डर नहीं लगता...

चूहा उसी अंदाज़ में कश लेता हुआ बोला...चल चल अपना काम कर, हम रेड एंड व्हाइट पीने वालों की बात ही कुछ और है....



चूहा गरजा, भागी बिल्ली

एक बार एक मुखिया चूहा अपने लंबे चौड़े कुनबे के साथ सड़क पर कतार लगा कर चला जा रहा था....तभी सामने से बिल्ली आती दिखी...मुखिया चूहे ने कुनबे को हिदायत दी...कोई कहीं नहीं भागेगा...

तब तक बिल्ली सिर पर आ गई...बिल्ली के पास आते ही मुखिया चूहे ने भौंकने के अंदाज़ में कहा...भौं..भौं..

बिल्ली ये सुनकर भाग गई...चूहे का सारा कुनबा ताली बजाने लगा...

मुखिया चूहे ने छाती चौड़ी कर कुनबे से कहा...देखा फॉरेन लैंग्वेज सीखने का कमाल...
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निखट्टू बेटा, लेकिन बाप खुश, कैसे भला...खुशदीप



दो निखट्टू लेकिन मस्तमौला लड़के पार्क में बैठे बातें कर रहे थे...तभी एक लड़का बोला....यार आजकल बाप ने बड़ा परेशान कर रखा है...दिन भर ताने देता रहता है...न काम का न काज का , ढाई मन अनाज का...क्या करूं यार घर में एक मिनट बैठना भी हराम कर रखा है...

इस पर दूसरा वाला लड़का बोला...यार मेरा बाप तो मुझसे बड़ा खुश है...

पहला वाला लड़का हैरानी से बोला...भला वो कैसे...

इस पर दूसरा लड़का बोला...यार मैं सुबह अंधेरे मुंह उठकर ही गुलेल लेकर निकल जाता हूं...और रोज़ नई कॉलोनी में जाकर शीशे तोड़ आता हूं...

इस पर पहले वाले लड़के ने टोका...तो फिर तेरा बाप कैसे खुश हो जाता है...

दूसरे वाले ने कहा...समझा कर यार, मेरे बाप का ग्लासवेयर का शोरूम है...सब लोग नए शीशे खरीदने मेरे बाप की दुकान पर ही आते हैं...इससे उसका धंधा चोखा चल रहा है...वो भी खुश, मैं भी खुश...

ये सुनकर पहले वाला लड़का ठंडी सांस लेकर रोने लगा...

दूसरे वाले ने कहा...तू रो क्यों रहा है...तू भी अपने बाप का धंधा मुझे बता...फिर मैं भी तुझे कोई तरकीब बता देता हूं...

ये सुनकर पहले वाला लड़का और ज़ोर से रोते हुए कहने लगा...रहने दे यार तू भी मेरी कोई मदद नहीं कर सकता...

दूसरे वाले लड़के ने धीरज बंधाते हुए कहा...अरे तू मुझे नहीं जानता...मेरे पास हर चीज़ का तोड़ है, तू बस मुझे अपने बाप का धंधा बता...

इस पर पहले वाला लड़का हिचकी लेते हुए धीरे से बोला....मेरे बाप का मैट्रिनिटी होम है...
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मक्खन ने उड़ाया Atlantis...Khushdeep



एक बार नासा (नशा नहीं अमेरिका का स्पेस शटल उड़ाने वाला नासा) वाले परेशान हो गए...अटलांटिस स्पेस शटल उड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था...साइंसदानों ने अक्ल के लाख घोड़े दौड़ा लिए पर अटलांटिस टस से मस होने को तैयार नहीं...झक मार कर दुनिया भर के अखबारों में ऐलान कर दिया कि जो भी इस काम में मदद करेगा उसे लाखों डॉलर ईनाम में दिए जाएंगे...इस ऐलान पर अपने मक्खन की भी नज़र पड़ गई...झट से एंबेसी वालों को फोन लगा दिया...मैं उड़ा सकता हूं अटलांटिस...

लो जी...आनन फानन में सारे अरेंजमेट कर मक्खन जी को फ्लोरिडा में नासा के हेडक्वार्टर पहुचा दिया गया...साइंसदान मक्खन को अटलांटिस के मुआयने के लिए ले गए...मक्खन ने इंस्पेक्शन के बाद इंस्ट्र्क्शन दी....अटलांटिस को थोड़ा बाईं और झुकाओ...फिर कहा...अब इसे दाईं ओर झुकाओ...बस अब सीधा खड़ा कर दो और स्टार्ट करो....

कंट्रोल रूम ने मक्खन के आदेश का पालन किया...ये क्या...अटलांटिस स्टार्ट हुआ और आसमान में ये जा और वो जा....हर तरफ तालियां गूंज उठी....मक्खन जी हीरो बन गए..व्हाइट हाउस में डिनर के लिए मक्खन जी को बुलाया गया...वहां अमेरिकी प्रेसीडेंट ने पूछ ही लिया...मक्खन जी हमारी पूरी साइंस फेल हो गई...आखिर आपने कैसे अटलांटिस को उड़ा दिया....मक्खन का जवाब था...ओ नहीं जी कमाल-वमाल कुछ नहीं...मेरा बीस साल पुराना लैम्ब्रेटा स्कूटर है...जब स्टार्ट नहीं होता तो ऐसा ही उसे टेढ़ा करता हूं...और फिर वो स्टार्ट हो जाता है....
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