खुशदीप सहगल
बंदा 1994 से पेन-कम्प्यूटर तोड़ रहा है

मक्खन और एमबीए...खुशदीप

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  • Khushdeep Sehgal
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  • मक्खन एक दिन पेड़ की डाल पर चढ़ा हुआ था...
    इधर से उधर होता मक्खन किसी कंपनी के सीईओ की तरह हाव-भाव दिखा रहा था...
    कभी किसी को इंस्ट्रक्शन देता...
    कभी मोबाइल पर किसी को डांटता...
    घंटों ये नज़ारा चलता रहा...
    फिर मक्खन के दोस्त ढक्कन ने ही सारी बात साफ की....
    दरअसल मक्खन की बड़ी इच्छा थी कि वो भी आईआईएम, अहमदाबाद से एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद लाखों की सेलरी का पैकेज ले...
    लेकिन एमबीए का एन्ट्रेस पास करना कोई खालाजी का घर नहीं था...
    मक्खन जी लाख कोशिश करने के बाद भी एन्ट्रेस टेस्ट पास नहीं कर पाए...
    फिर क्या था बचा-खुचा जो दिमाग था वो भी हिल गया....
    और...
    ...

    ...

    ...

    ...


    मक्खन जी बगैर एमबीए हुए ही अपने को ब्रांच मैनेजर समझने लगे....

    1 टिप्पणियाँ:

    Udan Tashtari ने कहा…

    haa haa!! branch par betha manage to kar raha hai...bechara.

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