खुशदीप सहगल
बंदा 1994 से पेन-कम्प्यूटर तोड़ रहा है

गाली की परिभाषा...खुशदीप

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  • Khushdeep Sehgal
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  • दिल्ली के कालेज स्टूडेंट्स गालियों के लिए बहुत बदनाम है...डेहली बैली में आमिर ख़ान इसका मुज़ाहिरा कर भी चुके हैं...लेकिन हिंदी दिवस पर भाषा के विकृत होने पर एक संस्था ने सेमिनार कराया...वहां गालियों का मुद्दा भी उठा...
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    एक सज्जन ने पूछा...आखिर गाली की परिभाषा क्या है...इसका जवाब एक छात्र ने इस तरह दिया...


    क्रोध की परिस्थिति में मुखारबिंदु से निकला अशुद्ध और असंसदीय शब्दों का समुच्चय, जिनके प्रस्फुटन के बाद ह्दय को असीम शांति का अनुभव होता है...

    4 टिप्पणियाँ:

    Udan Tashtari ने कहा…

    हा हा!! सही है...

    वाणी गीत ने कहा…

    क्या बात है!

    Shah Nawaz ने कहा…

    Baat to sahi hai... :-)

    DR. ANWER JAMAL ने कहा…

    परिभाषा सटीक है ।

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