खुशदीप सहगल
बंदा 1994 से पेन-कम्प्यूटर तोड़ रहा है

मक्खन बोला ढक्कन से...झल्ला है क्या...खुशदीप

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  • Khushdeep Sehgal
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  • मक्खन और ढक्कन आठवीं में दूसरी बार फेल हो गए...

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    ढक्कन...यार बेइज्ज़ती बर्दाश्त नहीं होती, चल सुसाइड कर लेते हैं...

    मक्खन...झल्ला है क्या,
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    अगले जन्म में फिर नर्सरी से शुरू करना पड़ेगा...


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    Why post-men are only men ?

    4 टिप्पणियाँ:

    M VERMA ने कहा…

    वाजिब तर्क ..
    अब कम से कम आठवीं तक तो पहुँच ही गए हैं

    Shah Nawaz ने कहा…

    :-) baat to sahi kahi :-)

    "पलाश" ने कहा…

    etne achchhe joke kaise bana lete hai , pad kar maza aa jata hai ...

    ajit gupta ने कहा…

    क्‍या दर्शन है? वाह

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